बाड़मेर, भारत की अग्रणी निजी क्षेत्र की तेल एवं गैस कंपनी वेदांता ऑयल एंड गैस लिमिटेड ने सोमवार को बीएसई और एनएसई पर अपने इक्विटी शेयरों की सफल सूचीबद्धता के साथ एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। कंपनी की यह लिस्टिंग उसके विकास के नए चरण की शुरुआत के साथ-साथ भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।यह सूचीबद्धता वेदांता लिमिटेड के ऐतिहासिक डिमर्जर और दोनों प्रमुख शेयर बाजारों से आवश्यक स्वीकृतियां मिलने के बाद संभव हुई है। इसके साथ ही वेदांता ऑयल एंड गैस देश की अग्रणी सूचीबद्ध निजी क्षेत्र की अपस्ट्रीम तेल एवं गैस कंपनी बन गई है।

मुंबई स्थित बीएसई कार्यालय में आयोजित उद्घाटन समारोह में वेदांता समूह के चेयरमैन एवं संस्थापक अनिल अग्रवाल ने सेरेमोनियल बेल बजाकर ट्रेडिंग की शुरुआत की। इस अवसर पर प्रिया अग्रवाल हेब्बर, नवीन अग्रवाल, आकर्ष हेब्बर तथा वेदांता ऑयल एंड गैस के अंतरिम मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिम गास्ट भी उपस्थित रहे।इस मौके पर अनिल अग्रवाल ने कहा, “हमारा लक्ष्य उत्पादन को बढ़ाकर 5 लाख बैरल प्रतिदिन तक ले जाना है। इसके लिए लागत-कुशल संचालन मॉडल और अनुकूल नीतिगत वातावरण का सहारा लिया जाएगा। भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मजबूत करने में हमें अग्रणी भूमिका निभानी है। आने वाले वर्षों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित वैश्विक अर्थव्यवस्था के विस्तार के साथ खनिजों और तेल-गैस की मांग तेजी से बढ़ेगी, और हम इन्हीं क्षेत्रों में कार्यरत हैं।”डिमर्जर के तहत एक रुपये अंकित मूल्य वाले कुल 391.03 करोड़ इक्विटी शेयर ट्रेडिंग के लिए सूचीबद्ध किए गए हैं।

स्वीकृत व्यवस्था योजना के अनुसार, वेदांता लिमिटेड के प्रत्येक पात्र शेयरधारक को उसके प्रत्येक एक शेयर के बदले वेदांता ऑयल एंड गैस सहित अन्य तीन नई सूचीबद्ध कंपनियों का एक-एक शेयर आवंटित किया गया है।कंपनी का मानना है कि यह लिस्टिंग स्वतंत्र और क्षेत्र-विशिष्ट कारोबारों के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करेगी, जिससे प्रत्येक इकाई को अलग प्रबंधन, स्पष्ट परिचालन फोकस और स्वतंत्र विकास रणनीति अपनाने का अवसर मिलेगा।

एक स्वतंत्र कंपनी के रूप में वेदांता ऑयल एंड गैस घरेलू हाइड्रोकार्बन उत्पादन बढ़ाने, अन्वेषण गतिविधियों को गति देने और दीर्घकालिक निवेश आकर्षित करने पर अधिक प्रभावी ढंग से कार्य कर सकेगी।‘केयर्न’ ब्रांड के तहत संचालित कंपनी के पास देशभर में फैले लगभग 47,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में 44 ऑनशोर और ऑफशोर ब्लॉक्स का मजबूत पोर्टफोलियो है। इसकी परिसंपत्तियां राजस्थान, पूर्वी एवं पश्चिमी तट तथा उत्तर-पूर्व भारत के प्रमुख हाइड्रोकार्बन बेसिनों में स्थित हैं।वेदांता ऑयल एंड गैस ने 56.38 प्रतिशत प्रमोटर हिस्सेदारी और 43.46 प्रतिशत सार्वजनिक हिस्सेदारी के साथ कारोबार की शुरुआत की है। कंपनी के अनुसार, इसमें 21.78 लाख से अधिक शेयरधारकों के साथ संस्थागत और खुदरा निवेशकों की व्यापक भागीदारी है।विशेषज्ञों का मानना है कि यह लिस्टिंग ऐसे समय में हुई है, जब भारत की ऊर्जा मांग लगातार बढ़ रही है और आयात पर निर्भरता कम करने के लिए घरेलू उत्पादन बढ़ाना राष्ट्रीय प्राथमिकता बन गया है। ऐसे परिदृश्य में वेदांता ऑयल एंड गैस की स्वतंत्र पहचान देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को नई मजबूती प्रदान कर सकती है।

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