बाड़मेर में रावण दहन के समय अतिथियों ने राम के तिलकर लगाकर स्वागत किया।
एक घंटे की आतिशबाजी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने मोहा मन
बाड़मेर: शहर के आदर्श स्टेडियम में विजयादशमी का पर्व बेहद हर्षोल्लास और भव्यता के साथ मनाया गया। यहां आयोजित मुख्य समारोह में भगवान श्रीराम के बाण चलाते ही मात्र 3 मिनट के भीतर 65 फीट ऊंचा रावण (Ravan) का पुतला जलकर राख हो गया। इसके साथ ही मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले भी 2-2 मिनट में धराशायी हो गए। इस दौरान पूरा स्टेडियम श्रीराम के जयकारों और आतिशबाजी की गूंज से गूंज उठा।
भव्य राम सवारी और गणमान्य अतिथियों की मौजूदगी रावण दहन से पहले रामलीला (Ramleela) कमेटी द्वारा स्थानीय हाई स्कूल मैदान से गाजे-बाजे के साथ भव्य राम सवारी निकाली गई। शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए यह सवारी शाम करीब 6:30 बजे आदर्श स्टेडियम पहुंची। इस अवसर पर जिला कलेक्टर चिन्मयी गोपाल, एसपी चूनाराम जाट, बाड़मेर विधायक डॉ. प्रियंका चौधरी, नगर परिषद सभापति (Nagar Parishad Chairmain) गौतम सिंघवी और उपसभापति कन्यादेवी ने तिलक लगाकर राम सवारी का स्वागत किया। समारोह के दौरान युवक-युवतियों द्वारा प्रस्तुत गरबा नृत्य ने उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया।

7.50 लाख रुपए की आतिशबाजी और बढ़ता खर्च नगर परिषद की ओर से दशहरा महोत्सव को विशेष बनाने के लिए आतिशबाजी पर 7.50 लाख रुपए खर्च किए गए। शाम 6 बजे से शुरू हुई रंग-बिरंगी आतिशबाजी लगातार एक घंटे तक आसमान में छाई रही, जो मुख्य आकर्षण का केंद्र रही।
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प्रशासन द्वारा उत्सव के पारंपरिक आकर्षण को बनाए रखने के लिए खर्चों में भी बढ़ोतरी की गई है। साल 2023 में जहां पुतलों के निर्माण पर 3 लाख रुपए खर्च होते थे, वहीं पुतलों का आकार बड़ा होने (65 फीट रावण) और महंगाई के असर के कारण यह खर्च बढ़कर 5.50 लाख रुपए पहुंच गया है। वहीं, आतिशबाजी का बजट भी 7.50 लाख रुपए पर स्थिर रखा गया है, जिससे बाड़मेर का यह दशहराोत्सव ऐतिहासिक और भव्य बन गया।
