
बाड़मेर। चौहटन के पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता पदमाराम मेघवाल ने बाड़मेर जिले में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि आगामी पंचायती राज चुनावों से ठीक पहले मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर हेराफेरी की जा रही है, ताकि राजनीतिक लाभ उठाया जा सके। मेघवाल का आरोप है कि इस प्रक्रिया के तहत कांग्रेस समर्थक, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग के मतदाताओं को जानबूझकर निशाना बनाते हुए उनके नाम मतदाता सूची से हटाने के प्रस्ताव भेजे जा रहे हैं।पदमाराम मेघवाल ने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित नियमों का खुला उल्लंघन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नियमों के अनुसार कोई भी बूथ लेवल एजेंट (BLA-2) एक माह में अधिकतम 10 मतदाताओं के नाम पर ही आपत्ति दर्ज कर सकता है, लेकिन बाड़मेर जिले में कई बूथों पर सैकड़ों आपत्तियां एक साथ दर्ज कर दी गई हैं। यह न केवल नियमों की अवहेलना है, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास भी है।उन्होंने आरोप लगाया कि फॉर्म नंबर-7 का दुरुपयोग कर वास्तविक और स्थायी निवासियों के नाम काटने की साजिश रची जा रही है। कई मामलों में संबंधित BLA-2 को इसकी जानकारी तक नहीं दी गई और उनके नाम से फर्जी तरीके से आपत्तियां दर्ज करवाई गईं। मेघवाल ने कहा कि मतदाता सूची में इस तरह की छेड़छाड़ संविधान प्रदत्त मताधिकार पर सीधा हमला है।कांग्रेस नेता ने जिला प्रशासन और चुनाव आयोग से निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग करते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह प्रक्रिया नहीं रोकी गई तो कांग्रेस पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से इसका पुरजोर विरोध करेगी और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी।
