
बाड़मेर.जिले में इन दिनों चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम SIR में फॉर्म 7 मतदाताओं के नाम गलत होने की अपील कर नाम काटने के प्रस्ताव भेजे जा रहे इस प्रक्रिया में भारतीय जनता पार्टी द्वारा प्रत्येक बूथ पर बनाएं गए BLA 2 के फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं इसको लेकर कई बी एल ए सामने आए हैं और गंभीर आरोप लगाए हैं।






चौहटन विधानसभा क्षेत्र की सेड़वा पंचायत समिति अंतर्गत अरटी ग्राम पंचायत से SIR प्रक्रिया में कथित फर्जीवाड़े का गंभीर मामला सामने आया है। यहां भारतीय जनता पार्टी के BLA-2 उगाराम भील ने आरोप लगाया है कि उनके नाम और हस्ताक्षरों का दुरुपयोग कर करीब 190 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने का प्रस्ताव भेज दिया गया।उगाराम भील ने बताया कि उन्हें इस पूरी प्रक्रिया की कोई जानकारी नहीं थी और न ही उन्होंने किसी प्रकार का फॉर्म-7 भरा। चौंकाने वाली बात यह है कि प्रस्तावित सूची में उनके स्वयं के परिवार के कई सदस्यों के नाम भी शामिल हैं, जो वर्षों से उसी गांव में स्थायी रूप से निवासरत हैं। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ गंभीर छेड़छाड़ बताते हुए जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
हरपालिया पंचायत में बड़ा आरोप: दो बूथों से 504 मतदाताओं के नाम काटने का प्रस्ताव, BLA बोले—हस्ताक्षर फर्जी

बाड़मेर/चौहटन। हरपालिया ग्राम पंचायत में SIR प्रक्रिया के तहत बड़े पैमाने पर अनियमितता का आरोप सामने आया है। ग्राम पंचायत के बूथ लेवल एजेंट रोशनखान और आसुराम ने दावा किया है कि पंचायत के दो बूथों से कुल 504 मतदाताओं के नाम काटने के प्रस्ताव भेजे गए, जबकि उन्हें इसकी कोई जानकारी तक नहीं दी गई।दोनों BLA ने स्पष्ट किया कि फॉर्म-7 पर किए गए हस्ताक्षर उनके नहीं हैं और उनके नाम का दुरुपयोग कर आपत्तियां दर्ज करवाई गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरी प्रक्रिया गोपनीय तरीके से अंजाम दी गई, जिससे यह संदेह गहराता है कि किसी खास वर्ग के मतदाताओं को जानबूझकर मताधिकार से वंचित करने की कोशिश की जा रही है। मामले ने स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
“पीढ़ियों से गांव में रह रहा हूं, फिर भी नाम काटने का प्रस्ताव” — सिराजुद्दीन खान

हरपालिया गांव निवासी सिराजुद्दीन खान ने SIR प्रक्रिया को लेकर गंभीर आपत्ति दर्ज करवाई है। सिराजुद्दीन खान का कहना है कि उनका परिवार कई पीढ़ियों से उसी गांव में निवासरत है और उनका नाम वर्षों से मतदाता सूची में दर्ज रहा है, इसके बावजूद उनका नाम हटाने का प्रस्ताव भेज दिया गया।उन्होंने बताया कि न तो उन्होंने कहीं स्थान परिवर्तन किया है और न ही किसी प्रकार की गलत जानकारी दी गई है। इसके बावजूद फॉर्म-7 के जरिए नाम काटने की कार्रवाई न केवल चौंकाने वाली है, बल्कि आम नागरिकों के अधिकारों पर सीधा हमला भी है। उन्होंने जिला प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की मांग की है।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता जैनब बीबी का नाम भी हटाने का प्रस्ताव, परिवार ने जताई सुनियोजित साजिश की आशंका

बाड़मेर/अरटी। अरटी गांव में SIR प्रक्रिया के तहत नाम काटने के आरोपों की कड़ी में एक और मामला सामने आया है। गांव निवासी अरबाब खान ने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी जैनब बीबी, जो आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हैं, उनका नाम भी फॉर्म-7 के माध्यम से मतदाता सूची से हटाने के लिए प्रस्तावित किया गया है।अरबाब खान ने बताया कि उनका परिवार वर्षों से अरटी गांव का मूल निवासी है और जैनब बीबी एक सरकारी कर्मचारी होने के साथ-साथ नियमित मतदाता भी हैं। इसके बावजूद उनका नाम हटाने की प्रक्रिया में डाल दिया गया, जो पूरी तरह समझ से परे है। उन्होंने आशंका जताई कि यह किसी एक व्यक्ति या परिवार नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में ग्रामीणों को मताधिकार से वंचित करने की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।
