
बाड़मेर। बाड़मेर जिले में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर सियासत गरमा गई है। मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी एवं बायतु विधायक हरीश चौधरी ने इस प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए कहा कि फॉर्म नंबर-7 का दुरुपयोग कर अल्पसंख्यक, दलित और कांग्रेस विचारधारा से जुड़े मतदाताओं के नाम जानबूझकर मतदाता सूची से हटाने की साजिश की जा रही है। रविवार को बाड़मेर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने दावा किया कि यह पूरी कार्रवाई योजनाबद्ध और राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित है।

हरीश चौधरी ने कहा कि SIR के तहत भाजपा द्वारा नियुक्त बूथ लेवल एजेंट (BLA-2) के नाम से फर्जी हस्ताक्षर कर बड़ी संख्या में आपत्तियां दर्ज करवाई गई हैं। कई BLA-2 स्वयं सामने आए हैं और उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि न तो उन्होंने कोई फॉर्म भरा और न ही उन्हें इन आपत्तियों की जानकारी है। इसके बावजूद उनके नाम और हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर मतदाताओं के नाम काटने के प्रस्ताव भेजे गए, जो गंभीर चिंता का विषय है।उन्होंने इसे लोकतंत्र और संविधान पर सीधा हमला बताते हुए कहा कि मतदाता सूची से नाम हटाना किसी भी नागरिक के मौलिक अधिकारों का हनन है। चौधरी ने चेतावनी दी कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को हल्के में नहीं लेगी और यदि जरूरत पड़ी तो सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष किया जाएगा। उन्होंने जिला प्रशासन और चुनाव आयोग से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि कांग्रेस हर मतदाता का अधिकार सुरक्षित करने के लिए पूरी मजबूती से खड़ी रहेगी।
