बाड़मेर साहित्य उत्सव के पाँचवें दिन अधिक संख्या में लोगों ने पहुँचकर इसको सचमुच एक उत्सव के रूप में तब्दील कर दिया। पुस्तक मेला में किताबें खरीदने के लिए सभी आयु वर्गों में जोश दिखाई दे रहा था। बाड़मेर शहरवासियों का पुस्तकों को लेकर प्यार को देखकर प्रकाशनों ने ओर अधिक किताबों की उपलब्धता को बढ़ा दिया है।

इसी के साथ चल रहे युवा महोत्सव के दूसरे दिन भी उत्साह और ऊर्जा का माहौल बना रहा। पहले दिन की तरह आज भी विभिन्न स्टॉल्स लगाए गए। आज इन्हें और अधिक रोचक व संवादात्मक तरीके से प्रस्तुत किया गया, ताकि युवाओं की भागीदारी के साथ-साथ आमजन का ध्यान भी आकर्षित हो सके। इन स्टॉल्स के माध्यम से युवाओं ने अपने विचार, रचनात्मकता और सामाजिक सरोकारों को प्रभावशाली ढंग से सामने रखा।

आज के दिन का एक प्रमुख आकर्षण रहा राजस्थान पुलिस के कालिका गर्ल्स ग्रुप का संवादात्मक सत्र। इस सत्र में लड़कियों के साथ सड़क और घर में होने वाली छेड़छाड़ की घटनाओं, उनसे जुड़े मामलों, नीतियों और सुरक्षा तंत्र पर विस्तार से जानकारी साझा की गई। कालिका गर्ल्स ग्रुप ने बताया कि किस प्रकार पेट्रोलिंग ग्रुप के माध्यम से मात्र 15 मिनट में वे ज़रूरतमंद लड़कियों की मदद के लिए मौके पर पहुँचते हैं।
इसी क्रम में युवाओं के बीच साहित्यिक संवाद का आयोजन भी किया गया, जिसमें युवा लेखकों ने अपनी साहित्यिक रचनाएँ, लेखन का सफ़र और युवा अवस्था में लेखन की प्रेरणा कैसे मिली—इस पर अपने अनुभव साझा किए। सोशल मीडिया के इस दौर में पढ़ने-लिखने की निरंतरता कैसे बनाए रखी जा सकती है, इस विषय पर भी गहन संवाद हुआ, जिसमें लेखक डॉ. जीत परमार, जेठानंद पंवार एवं उदय यूथ कम्युनिटी की युवा लेखिका रानी जांगिड़ रही । विभिन्न कॉलेजों के प्रोफेसरों, स्कूलों और शिक्षकों ने भी युवा महोत्सव में अपनी बात रखकर युवाओं का मार्गदर्शन किया।
