जसोलए 24 सितम्बर। लोक आस्था के प्रमुख केंद्र श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थानए जसोल में वर्ष के सबसे बड़े धार्मिक दिवसों में से एक एवं श्री राणीसा भटियाणीसा के पावन दिवस भाद्रपद शुक्ल पक्ष त्रयोदशी पर श्रद्धा का जनसैलाब उमड़ पड़ा। प्रातःकालीन मंगला आरती के साथ ही श्रद्धालुओं के आगमन एवं दर्शन का क्रम प्रारंभ हो गया। दिन चढ़ने के साथ श्रद्धालुओं की संख्या निरंतर बढ़ती रही और संपूर्ण जसोलधाम श्री राणीसा भटियाणीसा के जयकारोंए भजनों एवं भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान रहा।

श्रद्धालुओं ने निर्धारित दर्शन व्यवस्था के अनुरूप कतारबद्ध होकर श्री राणीसा भटियाणीसाए श्री बायोसाए श्री सवाई सिंह जीए श्री लाल बन्ना साए श्री खेतलाजी तथा श्री काला.गौरा भैरूजी के मंदिरों में विधिवत दर्शन.पूजन किया। श्रद्धालुओं ने माँ के चरणों में शीश नवाकर अपने परिवार की सुख.समृद्धिए आरोग्यए खुशहाली एवं मंगल की कामना करते हुए आशीर्वाद प्राप्त किया।

सुदूर क्षेत्रों से पदयात्रा कर पहुंचे श्रद्धालु आस्था के आगे छोटी पड़ी दूरी
त्रयोदशी के पावन दिवस पर श्रद्धालुओं की अटूट आस्था एवं भक्ति का अनुपम दृश्य दिखाई दिया। राजस्थान सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु लंबी दूरी तय कर जसोलधाम पहुंचे। अनेक श्रद्धालुओं ने सैकड़ों किलोमीटर की पदयात्रा पूरी कीए वहीं कई श्रद्धालु नंगे पांव चलते हुए माँ के दरबार तक पहुंचे। लंबी यात्रा की थकान के बावजूद श्रद्धालुओं में दर्शन को लेकर उत्साह एवं श्रद्धा का भाव बना रहा।

श्रद्धालुओं ने जगत जननी राजराजेश्वरी श्री राणीसा भटियाणीसा के चरणों में शीश नवाकर स्वयं एवं अपने परिवार के साथ समस्त जगत के कल्याणए सुख.शांतिए समृद्धि एवं खुशहाली की मंगलकामना की।
त्रयोदशी के इस विशेष दिवस पर बड़ी संख्या में नवविवाहित जोड़े भी जसोलधाम पहुंचे। नवदम्पतियों ने श्री राणीसा भटियाणीसा के दर्शन.पूजन कर माँ का आशीर्वाद प्राप्त किया तथा अपने दाम्पत्य जीवन में प्रेमए सुखए समृद्धिए शांति एवं मंगल की कामना की।

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