राजस्थान के बाड़मेर–बालोतरा जिले के सीमांकन को लेकर उठा विवाद अब राजनीतिक रूप से और तेज होता जा रहा है. सीमांकन फैसले के विरोध में पिछले 12 दिनों से धरना जारी है. इसी कड़ी में बुधवार को धोरीमन्ना कस्बे में कांग्रेस पार्टी ने विशाल जन आक्रोश रैली का आयोजन किया, जिसमें प्रदेश स्तर के कई बड़े नेताओं की मौजूदगी ने इस आंदोलन को नया बल दिया.
इस जन आक्रोश रैली में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट, सांसद उमेद राम बेनीवाल, कांग्रेस विधायक हरीश चौधरी सहित प्रदेश भर से आए दर्जनों कांग्रेस नेताओं ने भाग लिया. रैली में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी शामिल हुए और सीमांकन फैसले के खिलाफ नारेबाजी की.
बाड़मेर-बालोतरा सीमांकन विवाद
हरीश चौधरी ने कहा कि बाड़मेर और बालोतरा जिलों की सीमाओं में बदलाव कर भाजपा राजनीतिक लाभ लेना चाहती है, लेकिन यह उसकी बड़ी भूल साबित होगी. उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले पंचायती राज और नगर निकाय चुनावों में जनता भाजपा को करारा जवाब देगी. उनका कहना था कि सीमांकन जैसे संवेदनशील विषय पर सरकार को स्थानीय जनता की भावनाओं और प्रशासनिक तर्कों का सम्मान करना चाहिए था.
जन आंदोलन से भाजपा होगी दबाव में
पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने जनता की भागीदारी को लोकतंत्र की ताकत बताते हुए कहा कि इस तरह के जन आंदोलन सरकार को अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर करते हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता की आवाज को हर मंच पर उठाती रहेगी. धोरीमन्ना की यह जन आक्रोश रैली साफ संकेत देती है कि बाड़मेर–बालोतरा सीमांकन का मुद्दा अब केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है, जिसका असर आने वाले स्थानीय चुनावों पर भी पड़ सकता है.
