
बाड़मेर.सरहदी जिले बाड़मेर के सेड़वा उपखंड में आज उस वक्त जबरदस्त सियासी तूफान खड़ा हो गया, जब एसआईआर के नाम पर मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम काटे जाने के विरोध में विशाल धरना-प्रदर्शन किया गया। दर्जनों गांवों से पहुंचे सर्व समाज के हजारों लोगों ने सेड़वा उपखंड मुख्यालय को जाम कर दिया। आरोप है कि हर बूथ से सैकड़ों मतदाताओं के नाम जानबूझकर हटाए जा रहे हैं, जिससे लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला हुआ है।

धरने को संबोधित करते हुए पूर्व राज्यमंत्री गफूर अहमद ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरहदी क्षेत्र के शांत माहौल को बिगाड़ने की मंशा से एक विशेष समुदाय को टारगेट किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि कई जगहों पर बीएलए-2 फॉर्म में फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं, जबकि संबंधित लोग खुद कह रहे हैं कि उन्होंने किसी तरह के दस्तखत नहीं किए। यह सब सोची-समझी साजिश का हिस्सा है।

पूर्व विधायक पदमाराम मेघवाल ने कहा कि लोकतांत्रिक देश में आम आदमी के अधिकारों को कुचला जा रहा है। उनका आरोप था कि बीजेपी के दबाव में निर्वाचन आयोग भी घुटने टेक चुका है और चुनाव जीतना मुश्किल लगने पर वोट काटने का रास्ता अपनाया जा रहा है।

पूर्व उप प्रधान रुगनाथ राम बिश्नोई ने सबसे सनसनीखेज़ दावा करते हुए कहा कि बीजेपी के स्थानीय नेताओं से जानकारी मिली थी कि अमित शाह की एक बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे कि हर विधानसभा से कांग्रेस समर्थक 15 से 20 हजार वोट हटाए जाएं। इसकी जिम्मेदारी उपखंड अधिकारी और बीजेपी जिला अध्यक्ष को सौंपी गई है।

धरने में बायतु विधायक हरीश चौधरी, कांग्रेस जिला अध्यक्ष लक्ष्मण गोदारा, पूर्व राज्यमंत्री गफूर अहमद, पूर्व विधायक पदमाराम मेघवाल सहित कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सेड़वा उपखंड कार्यालय के बाद सैकड़ों गाड़ियों के काफिले के साथ प्रदर्शनकारी जिला कलेक्टर कार्यालय बाड़मेर के लिए रवाना हुए, जहां ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की गई।
